28 मार्च 2020 शनिवार

अभी सारे देश अपनी जनता को कोरोना से बचाने की कोशिशों में लगे हैं और अपना सारा धन सिर्फ अपने देश की जनता और देश को बचाने में डाल रहे हैं। अमेरिका,जर्मनी,इटली और भारत जैसे देश अपने सारे सुरक्षिक्त धन को निकल कर देश के नागरिकों की हालत को सुधारने में लगे हैं।लगभग हर बड़ा देश पूरी तरह से बंद है,व्यापार बंद है और देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ख़राब हो गयी है और इस सबके पीछे एक देश है और वह है ‘चीन’।कोरोना के पीछे चीन की बहुत बड़ी साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता।चीन ने सोची समझी रणनीति के साथ इस काम को अंजाम दिया है जिसका खुलासा समय आने पर हो ही जायेगा फ़िलहाल चीन सीधे तौर पर युद्ध न करके आर्थिक संकट की स्थीति पैदा करके पूरी दुनिया में आर्थिक संकट पैदा करने में कामयाब हो चूका है।

सारी दुनिया में कोरोना फैला लेकिन सारे चीन में नहीं!!!
चीन के वुहान शहर में दिसम्बर 2019 में कोरोना का पहला मामला आया और फिर यह वुहान में बुरी तरह से फैलने लगा लेकिन चीन ने इसे साडी दुनिया से छुपाया और जब नए साल पर चीन से लोग दुनिया भर में यात्रा पर गए तो कोरोना को उन देशों में फैलने का मौका मिला।लेकिन वुहान से 839 किलोमीटर दूर शंघाई।1152 किलोमीटर दूर बीजिंग में उस बीमारी ने ज्यादा फर्क नहीं डाला लेकिन हज़ारो किलोमीटर दूर अमरीका,मिलान,न्यूयॉर्क,जर्मनी,इटली,फ़्रांस,भारत,पाकिस्तान के साथ ही कई और देशो में हालात चीन से भी ज्यादा ख़राब हो गए।ऐसा माना जा रहा है कि चीन ने कोरोना की दवाई पहले ही बना ली है और इसी लिए चीन इस स्थीति को नियंत्रित कर पा रहा है और बाकि देशो में हाल बहुत ख़राब है।ऐसा भी माना जा रहा है कि यह एंटीडोस चीन के प्रधानमंत्री ले रहे है तभी वह हस्पताल में जब जानकारी लेने पहुचे तो उन्होंने सिर्फ RM1 फेसमास्क ही लगा रखा था और कोई सुरक्षा नहीं ली थी।जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस,प्रिंस चाल्स और इंग्लैंड की रानी विक्टोरिया को भी कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया है।

कोरोना के पीछे चीन की आर्थिक महाशक्ति बनने की सोच!!!
धीरे धीरे यह बीमारी महामारी में बदल गई और इस कारण दुनिया भर से शेयर बाजारों में भारी गिरावट आनी शुरू हो गई।लगभग हर देश अपनी सारी आर्थिक शक्ति कोरोना से लड़ने में लगा रहा का अरबो खरबो के राहत पैकेज निकाले जा रहे हैं वही ऐसा मानना है कि चीन पूरी दुनिया के शेयर बाजार में बड़ा निवेश करके हर बड़ी कंपनी के ज्यादा से ज्यादा शेयर खरीदने में लगा है।चीन में उन सभी चीज़ों का उत्पादन पहले से ही बढ़ा दिया गया है जिसकी इस समय सबसे ज्यादा जरुरत है जैसे की वेंटीलेटर,मास्क,सेनेटाइजर,कोरोना टेस्ट किट और भी बहुत कुछ और यह सब बेच कर चीन और पैसा कमा रहा है।शायद वह दिन दूर नहीं जब चीन यह बोल दे की उन्होंने कोरोना का इलाज खोज लिया है और इस पर काबू पा लिया है और अगर ऐसा हुआ तो कोरोना संक्रमित देशों में हर कीमत पर इस दवाई को लेने की होड़ मच जाएगी और चीन इस से भी बहुत बड़ा पैसा बनाएगा और जल्द ही विश्व आर्थिक शक्ति बन जाएगा।

क्रिप्टो बाजार को भी चीन कर सकता है बर्बाद,अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा ??
बिटकॉइन और एथेरिम की सबसे बड़ी खास बात है कि यह माईन किए जा सकते हैं और कोई भी इन्हें माईन कर सकता है लेकिन बिटकॉइन की माइनिंग डिफिकल्टी बढ़ने के कारण एक ब्लॉक को कई लोग मिल कर एक पूल बना लेते हैं और उसे माईन करने के बाद मिलने वाले रिवार्ड को आपस में बाँट लेते हैं।अगर दुनिया भर में बिटकॉइन माइनिंग पूल की बात करें तो हैश रेट हे हिसाब से चीन 81% बिटकॉइन माइनिंग पूल पर अधिकार रखता है।

कुल बिटकॉइन माइनिंग में सबसे बड़ा माइनिंग पूल है एन्टपूल जो की चीन में स्थापित है और उसको दुनिया की नम्बर एक बिटकॉइन माइनिंग मशीन बनाने वाली कंपनी बिटमेन संचालित करती है।यह 20% बिटकॉइन को माईन करती है और इसका हैश रेट 675 PH/s है।इसके बाद एफ2पूल दूसरा सबसे बड़ा बिटकॉइन माइनिंग पूल है जो 18.5% बिटकॉइन माईन करता है और यह भी चीन में ही है और इसकी हैश पावर 380 PH/s है।BTCC चीन में तीसरा सबसे बड़ा बिटकॉइन माइनिंग पूल है जो 11% बिटकॉइन माईन करता है और इसकी हैश पावर 240PH/s है।
BW चौथा माइनिंग पूल है चीन में जो 10% कुल बिटकॉइन माईन के हिस्से को बनाता है और इसकी हैश पावर है 225 PH/s और यह बिटकॉइन माइनिंग पूल बिटकॉइन का बड़ा हिस्सा चीन के पास पहुचाते हैं।एक ही देश और वो भी चीन जैसे देश के पास बिटकॉइन माइनिंग की इतनी बड़ी ताकत बहुत गंभीर नतीजे देने वाली है!


बिटकॉइन क्रिप्टो बाजार की आत्मा है इसके बिना क्रिप्टो बाजार की कल्पना भी नहीं की जा सकती और चीन यह अच्छी तरह से जनता है कि बिटकॉइन को अगर अपने काबू में कर लिया तो दुनिया के क्रिप्टो बाजार को कभी भी कोई भी दिशा दी जा सकती है।
चीन बिटकॉइन की कीमत को गिरा सकता है या गिराएगा इसके कुछ मुख्य कारण है जिसमे सबसे पहली बात है कि आज सभी तरफ कोरोना की कारण आर्थिक स्तिथि बहुत ख़राब है और हर कोई ज्यादा से ज्यादा अपने देश की मुद्रा को अपने पास रखना चाहता है ताकि मुश्किल समय में इसका इस्तेमाल कर सके ऐसे में खरीदार के तौर पर चीन सबसे आगे होगा क्योंकि यह उसके आर्थिक युद्ध का एक हिस्सा है।बिटकॉइन की कीमत को नीचे गिरने के लिए चीन की बिटकॉइन माइनिंग कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में बिटकॉइन है जिसे बेच कर वह बिटकॉइन की कीमत गिरा सकता है।चीन में माइनिंग करना बहुत सस्ता है क्योंकि वहां बिजली और कोयला बहुत सस्ता है जो की बिटकॉइन की माइनिंग की सबसे बड़ी जरुरत है और चीन अगर बिटकॉइन की कीमत 80% कम भी हो जाए और हलोविंग के बाद बिटकॉइन की माइनिंग करने पर मिलने वाले रिवार्ड 50% काम हो जाने पर भी माइनिंग से फायदा कमाने वाला इकलौता देश होगा।चीन खुद की क्रिप्टो मुद्रा लाना चाहता है और इस लिए भी वह बिटकॉइन की कीमत को गिरा सकता है ताकि क्रिप्टो बाजार में उसकी क्रिप्टो तेज़ी से दुनिया का पैसा चीन की झोली में डाल दे।बिटकॉइन डिसेंटेरलाइज़ है लेकिन इसके 80% से अधिक माइनिंग पूल पर चीन की कंपनियों का अधिकार है और समय आने पर यह बड़ा फेरबदल कर सकते हैं।
आज पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिति खराब है और बिटकॉइन आम जनता के बीच लेनदेन के लिए इस्तेमाल नहीं होता तो लोग इसे मुद्रा में बदलने की पूरी तैयारी में हैं और यह बात चीन भी जानता है और ऐसे में बाजार में ज्यादा खरीदार नहीं यह बात आप बिटकॉइन खरीद बेच की बुक में भी देख सकते हैं।अगर आपको पता हो की अगले कुछ महीने आप की कोई कमाई नहीं होने वाली तो आप बिटकॉइन या कही भी निवेश की न सोचते हुए ज्यादा से ज्यादा पैसे को अपने पास रखना चाहेंगे ताकि मुश्किल समय में यह आपके काम आए।अगर बिटकॉइन की मांग घटी और ट्रेडिंग भी कम होती गई टी क्रिप्टो एक्सचेंज भी आपको इसके बदले पैसा नहीं दे सकेगी और कीमत नीचे गिरेगी। चीन के पास मौका है क्रिप्टो बाजार पर पूरी तरह से कब्ज़ा करने का और अगर ऐसा हुआ तो आप बिटकॉइन की कीमत को बहुत नीचे देखने के लिए तैयार रहिए क्योंकि चीन का खेल इसी तरफ इशारा कर रहा है।

 

 

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