3 मार्च 2021 बुधवार

जब से भारत सरकार ने सभी तरह की क्रिप्टो पर रोक लगाने और अपनी खुद की डिजिटल मुद्रा (CBDC)लाने की बात कही है तब से सभी अर्थशास्त्री इस बारे में विचार करने लगे हैं की यह डिजिटल मुद्रा सरकार कैसे लाएगी ?इन विषयों पर आज हर तरफ चर्चा हो रही है और भारत के प्रतिष्ठित यूट्यूब चैनल और क्रिप्टो की कानूनी जानकारी रखने वाले “क्रिप्टो कानून” ने कल अपने चैनल पर एक लाइव शो किया जिसमें विशेषज्ञ के तौर पर सुनील अग्रवाल जी थे और होस्ट काशिफ रज़ा ने उन से इस विषय पर सवाल पूछे ?

सबसे मुख्य बात यह है की सरकार अपनी डिजिटल मुद्रा को क्रिप्टो के साथ जोड़ कर देख रही है,यानि क्रिप्टो पर प्रतिबन्ध और अपनी डिजिटल मुद्रा को लाना।सरकार की डिजिटल मुद्रा में क्रिप्टो यानि बिटकॉइन,ईथर या बाकि क्रिप्टो में ज़मीं आसमान का फर्क है।यहाँ पर जो एक बात और ध्यान देने वाली है वह यह है की सरकार ने इस बारे में कब से काम करना शुरू किया ?अभी तक सरकार ने इस बारे में कोई जानकारी या दस्तावेज क्यों प्रकाशित नहीं किया ?क्या सरकार ने अपनी डिजिटल मुद्रा बनाने के लिए आर्थिक विशेषज्ञों से इस बारे में बात की,या बैंकों से इस विषय पर बात की ?

आज दुनिया के कई देश अपनी डिजिटल मुद्रा लाने पर काम कर रहे हैं इसमें से चीन और अमेरिका नंबर एक हैं।चीन अपने डिजिटल युआन पर 2015 से काम कर रहा है और पिछले वर्ष इन्होंने अपने नागरिकों को डिजिटल युआन दे कर कई शहरों में टेस्ट भी किया है और सफल भी रहा है।भारत अभी इस दिशा में काम कर रहा है या नहीं और कर रहा है तो कहां तक पंहुचा है यह अभी किसी को नहीं पता।एक सौ तीस करोड़ की जनता के हाथ में डिजिटल मुद्रा पहुँचाना और इसका इस्तेमाल सिखाना बहुत बड़ा मिशन है जो आसान नहीं होगा।एक प्रश्न और यहाँ सुनील अग्रवाल जी ने उठाया-की डिजिटल मुद्रा के लिए दो बहुत जरुरी चीज़े चाहिए,स्मार्ट फ़ोन और इंटरनेट?जिन लोगों के पास स्मार्ट फ़ोन नहीं तो क्या सरकार उन्हें स्मार्ट फ़ोन देगी,क्योंकि सभी को पैसा तो लेनदेन के लिए चाहिए और ऐसे में उनके पास स्मार्ट फ़ोन होना जरुरी है?दूसरी बात यह है की सरकार यह कहेगी की देश में दो मुद्राएं चलेंगी एक आम रुपया जो हम इस्तेमाल करते हैं और दूसरा डिजिटल।अब अगर डिजिटल मुद्रा आ रही है तो यह मिलेगी कैसे ?क्या हम अपना रुपया दे कर डिजिटल रुपया लेंगे और क्या डिजिटल रुपए को आम मुद्रा में बदल सकते हैं ?

क्या देश में जिस डिजिटल मुद्रा को लाने की बात हो रही है वह रिटेल मुद्रा है,यानि आम जनता के इस्तेमाल के लिए या रिज़र्व बैंक और बाकि बैंक के आपस के लेनदेन के लिए इसे बनाया जा रहा है ?क्या सरकार ने इसके लिए ब्लॉकचेन को बना लिया है और इस ब्लॉकचेन को सुरक्षित रखने के लिए क्या सरकार के पास पर्याप्त साधन है ?अगर यह मुद्रा आ गई और लोगों तक पहुंच गई और ब्लॉकचेन हैक हो गई तो जनता के पैसे की जिम्मेवारी किसकी होगी ?सरकार इसे लोगों तक कैसे पहुंचाएगी ?क्या पहले बड़े नोट बाजार के हटेंगे और एक बार फिर नोट बंदी होंगी ?

एक बात जो सबसे ज्यादा जरुरी है वह यह की क्या यह विकेन्द्रीयकरित होगी ?क्या हमारे हर लेनदेन को सरकार देख पाएगी ?अगर ऐसा होगा तो इस से लेनदेन की निजता खत्म हो जाएगी।अभी दो तरह का लेनदेन होता है , एक बैंक द्वारा और एक कैश से।अगर सभी को डिजिटल मुद्रा से लेनदेन करना पड़ा तो कैश लेनदेन खत्म हो जाएगा और एक व्यक्ति का हर लेनदेन सरकार देख पाएगी।

यहाँ पर यही प्रश्न नहीं है ?और भी कई ऐसी बातें हैं जिसके बारे में सरकार को जवाब देना पड़ेगा।देश के लिए डिजिटल मुद्रा को लाना इतना आसान नहीं होगा।अगर सकरकर ऐसा सोच रही है तो इन्हें पहले से ही उपलब्ध ब्लॉकचेन का इस्तेमाल करना चाहिए।अगर ऐसा किया तो उस ब्लॉकचेन का इस्तेमाल करने के लिए फीस भी उसी ब्लॉकचेन के टोकन से देनी पड़ेगी और ऐसे में बाकि क्रिप्टो को प्रतिबंधित करना मुश्किल होगा।

क्या रिलायंस इस पर काम कर रही है ?
कुछ समय पहले रिलायंस ने यह घोषणा की थी की वह दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा नोड्स के साथ ब्लॉकचेन पर काम कर रहे हैं। पिछले वर्ष ही फेसबुक ने भी रिलायंस में 10% की हिस्सेदरी खरीदी है।फेसबुक का अपनी डिजिटल मुद्रा लाने का प्रोजेक्ट बहुत आगे तक पहुंच गया है जिसका नाम लिब्रा है।फेसबुक ने व्हाट्सप्प के द्वारा भारत में पैसा लेनदेन की सुविधा शुरू करने की योजना भी बनाई है।इस वर्ष सरकार अपनी खुद की डिजिटल मुद्रा लाने की बात कर रही।क्या यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के लिए रिलायंस और फेसबुक के सहयोग से बन रहा है ?फेसबुक के दुनिया में ढाई बिलियन से ज्याद उपभोगता हैं।जिओ के भारत में 40 करोड़ से ज्यादा उपभोगता हैं।ऐसे में अगर यही दोनों कंपनियां भारत की डिजिटल मुद्रा पर काम कर रही हैं तो यह काफी हद तक सफल हो सकता है लेकिन फिर भी सभी को डिजिटल मुद्रा के लिए तैयार करना बहुत मुश्किल होगा।

CBDC पर इस समय चीन और अमेरिका काम कर रहे हैं और अब भारत भी इस दौड़ का हिस्सा बन रहा है।CBDC जिस भी देश ने बनाई और सफलता पूर्वक अपने देश के साथ साथ विश्व के बाकि देशों को भी इसे इस्तेमाल करवाने में सफल हो गया तो यह विश्व की शक्ति बनने के करीब होगा। पैसा बहुत शक्तिशाली हत्यार है और इस से दुनिया को विजय किया जा सकता है।देखना यह है की इस दौड़ में कौन जीतता है ?सरकार ऊपर दिए गए प्रश्नों के उत्तर कब तक देगी यह देखना होगा।शायद यही कुछ कारण है जिसके कारण सरकार अभी बिल लाने में देरी कर रही है और इन मुद्दों पर काम कर रही है।

क्रिप्टो कानून के जिस वीडियो पर आधारित यह आर्टिकल है उसे आप इस लिंक पर जा कर देख सकते हैं।
https://youtu.be/ZJZde8OIiMs

#CBDC #BIFCOIN #BLOCKCHAIN #wazirxwarriors