28 अप्रैल 2020 मंगलवार

2010 में चीन स्थापित बिटकॉइन माइनिंग चिप बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनीयों में शुमार ईबैंग ने 24 अप्रैल को अमेरिक सेक्यूरिटी और एक्सचेंज कमिशन में अपनी कंपनी का आई.पी.ओ लाने के लिए आवेदन किया है।


जहां एक तरफ अमेरिका चीन से कोरोना को ले कर नाराज़ है वही एक चीनी कंपनी ने अपने आई.पी.ओ को अमेरिका के शेयर बाजार में लिस्ट करने के लिए आवेदन किया है।ईबैंग एक चीन की कंपनी है जो से 2010 से बिटकॉइन माइनिंग मशीन से जुड़े सामान को बनाती है।ईबैंग बिटकॉइन माइनिंग में इस्तेमाल होने वाली चिप ASIC का निर्माण करती है जैसे की E9I,E9.2,E9.3 चिप का निर्माण।ईबैंग अगस्त 2015 में OTC बाजार में में लिस्ट हो चुकी है और अपनी कंपनी के और विस्तार के लिए आई.पी.ओ लाना चाहती है जिसके लिए उसने अमेरिका के बाजार को चुना है और यह नैस्डैक या न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में अपने आई.पी.ओ को लाने की योजना बना रही है जहां पर इसकी कीमत 0.00013 डॉलर प्रति शेयर होगी और इसको EBON के नाम से देखा जा सकेगा।

बहुत ज्यादा मुनाफे में चल रही इस कंपनी के व्यापार में पिछले साल गिरावट देखी गयी थी क्योंकि क्रिप्टो की गिरती कीमतों के कारण बाजार में बिटकॉइन माइनिंग मशीनों की मांग घट रही थी इसी कारण इस कंपनी का घाटा बढ़ने लगा।2018 और 2019 के पहले तीन महीनों में बिटकॉइन की गिरती कीमतों का असर बिटकॉइन माइनिंग मशीन बनाने वाली कंपनियों पर भी पड़ा और इनकी मांग में कमी आई और मशीन बनाने वाली कंपनियों के फायदे में भी भारी गिरावट आई।ईबैंग बिटकॉइन के अलावा 5 nm ASIC की चिप का भी बड़े पैमाने पर निर्माण कर रही है जो की लाइटकॉइन और मोनेरो जैसे कॉइन को माईन करने में काम आती है।
ईबैंग जैसी कंपनियां जो की क्रिप्टो को माईन करने के मशीनों के काम से जुडी है यह अपने व्यापार को और बढ़ाने के लिए आई.पी.ओ ले कर आ रही है, इस से पहले भी कैनान जैसी कंपनी भी अपनी आई.पी.ओ ला चुकी है लेकिन अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई और इसके शेयर की कीमत आज पचास प्रतिशत तक घट गई है।बड़ी बात है की कोई भी माइनिंग मशीन बनाने वाली कंपनी क्रिप्टो कॉइन या टोकन ला कर अपना ICO या IEO नहीं लाती।अब ईबैंग 10 करोड़ डॉलर का आईपीओ लाने का लक्ष्य रख रही है तो सबसे पहले तो देखना होगा की क्या अमेरिकी एक्सचेंज इसको मान्यता देती भी है या नहीं और इसके बाद अगर ईबैंग इसमें सफल हो भी जाता है तो क्या यह अपने 10 करोड़ डॉलर के लक्ष्य को पूरा कर सकेगा ? क्योंकि कोरोना के कारण विश्व की आर्थिक स्तिथि सही नहीं है वही बिटकॉइन की कीमत में भी कोई बहुत फायदा नहीं दिख रहा है उल्टा अगले महीने बिटकॉइन की माइनिंग से मिलने वाला बिटकॉइन घट कर आधा हो रहा है तो ऐसे में ईबैंग के लिए अपना लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो सकता है।