CoinDCX Hacked: ₹368 करोड़ की चोरी, CEO बोले – User Funds Safe

CoinDCX Hacked: भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंजों को एक बड़े सिक्योरिटी ब्रीच का सामना करना पड़ा है, जिसमें करीब ₹368 करोड़ ($44.2 million) की चोरी हुई है। यह घटना लगभग 17 घंटे पहले घटी, और इसकी जानकारी सबसे पहले मशहूर ब्लॉकचेन इन्वेस्टिगेटर ZachXBT ने दी।

1 ETH से शुरू हुआ Hack, ETH और Solana से फंड ट्रांसफर

ब्लॉकचेन डिटेल्स के अनुसार, हैकर ने सिर्फ 1 ETH से Tornado Cash के जरिए शुरुआत की, और फिर धीरे-धीरे फंड को Solana से Ethereum में ट्रांसफर किया। यह पूरी प्रक्रिया highly sophisticated और pre-planned लगती है।

CoinDCX ने कुछ Trading Pairs हटाए, Web3 Wallet भी बंद

यूज़र्स ने रिपोर्ट किया है कि CoinDCX ने अचानक कुछ trading pairs हटा दिए हैं, Spot orders कैंसल कर दिए गए हैं, और उनका Web3 Wallet भी temporarily डाउन है। इससे यूज़र्स के बीच चिंता और सवाल बढ़ गए हैं।

CEO Sumit Gupta का बयान – “User Funds Safe हैं”

CoinDCX के Co-founder और CEO Sumit Gupta ने एक आधिकारिक X (Twitter) पोस्ट में इस सिक्योरिटी ब्रीच की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि:

उन्होंने यह भी कहा कि यह issue server compromise के कारण हुआ था, लेकिन इसे तुरंत contain कर लिया गया।

Loss CoinDCX की Treasury से कवर होगा

Sumit Gupta ने भरोसा दिलाया कि यह पूरा loss CoinDCX की internal treasury से absorb किया जा रहा है और INR withdrawals और trading अभी भी operational हैं। इससे ये साबित होता है कि कंपनी ने अपनी liquidity और risk management को strong बनाया है।

Web3 Services बंद, Security Experts काम में जुटे

CoinDCX ने precaution के तौर पर अपनी Web3 services को temporarily बंद कर दिया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि:

Community का मिला-जुला रिएक्शन

CoinDCX की इस घटना को लेकर crypto community में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं:

निष्कर्ष

CoinDCX Hacked एक बड़ा reminder है कि Web3 और Crypto world में सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हालाँकि CoinDCX ने damage control और communication दोनों में maturity दिखाई है, लेकिन इस ब्रीच से जुड़ी पूरी transparency और accountability की उम्मीद बनी हुई है।

जुलाई 2024 में हुए WazirX साइबर हमले, जिसमें $230 मिलियन से अधिक की हानि हुई थी, के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ था। यह जानकारी अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा 14 जनवरी को जारी एक संयुक्त बयान में दी गई।

Crypto users को भी सतर्क रहना होगा और हमेशा अपने फंड्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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