22-06-2021 मंगलवार (क्रिप्टो न्यूज़ हिंदी)

पिछले काफी दिनों से एक मुद्दा बहुत गर्म है कि क्रिप्टो को एक्सचेंज से खरीद कर इसका गलत इस्तेमाल किया गया है या भविष्य में भी क्रिप्टो को एक्सचेंज से खरीद कर इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।यह मुद्दा भारत कि एक क्रिप्टो एक्सचेंज वज़ीरएक्स से जुड़ा है जहां पर एक्सचेंज को NCB ने एक नोटिस जारी किया और भारतीय मुद्रा को गैरकानूनी तरीके से क्रिप्टो में बदल कर इसका गलत इस्तेमाल करने के आरोप थे।सरकारी संस्थाओं ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा है जो नशीले पदार्थो का लेनदेन करता था और इसके लेनदेन की कीमत को क्रिप्टो से चुकता था।सरकारी संस्था ने अपनी जाँच में पाया की यह व्यक्ति वज़ीरएक्स से क्रिप्टो को खरीद रहा था और इसे आगे भेज रहा था।ऐसा पहली बार नहीं हुआ है की किसी क्रिप्टो एक्सचेंज की जाँच हो रही है गलत तरीके से क्रिप्टो का इस्तेमाल करने के लिए।यहाँ एक बड़ा प्रश्न है कि एक्सचेंज के उपभोक्ता अगर क्रिप्टो को खरीद कर इसका गलत इस्तेमाल करते हैं तो इसके लिए एक्सचेंज कितनी जिमेवार है ?

इस बात को गहराई से देखें तो इसमें एक्सचेंज का कोई लेनदेन नहीं है।एक क्रिप्टो एक्सचेंज अपने प्लेटफार्म पर जब भी किसी एकाउंट को ट्रेड करने कि अनुमति देता है तो इस से पहले वह दो स्तर पर KYC को पूरा करवाता है।सबसे पहले एक व्यक्ति का फ़ोन नंबर और ईमेल आईडी और घर का पता वह भी फोटो वाले पहचान पत्र के साथ।कई एक्सचेंज अपने उपभोगता को एक कागज़ पर एक्सचेंज का नाम तारीख और पहचान पत्र हाथ में पकड़ कर फोटो अपलोड करने के लिए भी कहते हैं ताकि उपभोक्ता कि जाँच सही तरीके से कि जा सके।इसके बाद की जो दूसरी प्रक्रिया है वह बेहद खास है और वह है बैंक एकाउंट वेरिफी करना।जिस अकाउंट से क्रिप्टो खरीदने के लिए पैसा भेजा जाना है उस एकाउंट को क्रिप्टो एकाउंट से जोड़ना पड़ता है।अब एक व्यक्ति जब अपने बैंक एकाउंट से एक्सचेंज पर पैसा भेज रहा है तो बैंक ने भी अपने उपभोगता कि KYC की हुई होगी तो क्या बैंक भी उतना ही जिम्मेवार है जितनी क्रिप्टो एक्सचेंज और क्या बैंक को भी नोटिस दिया जाना चाहिए ?

एक बैंक एकाउंट जिस से लगातार पैसा क्रिप्टो एक्सचेंज पर भेजा जा रहा है यह पता करना एक्सचेंज के लिए बहुत मुश्किल है कि वह पैसा सही है या नहीं।यह पता करना बैंक कि जिम्मेवारी है कि बैंक यह देखें कि उनके उपभोक्ता के अकाउंट में बड़ी तादाद में पैसा आ रहा है तो वह अपने उपभोगता से इसके बारे में पूछे?किसी एक्सचेंज से क्रिप्टो ले कर कोई उसका सही या गलत इस्तेमाल करता है इसके लिए एक्सचेंज को जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता !एक दुकान से दो लोग माचिस खरीदते हैं और इसमें से एक इसका इस्तेमाल आग जला कर खाना बनाने के लिए करता है और दूसरा किसी इंसान को जलने के लिए ,तो इसमें दोष माचिस लेने वाले का है न की माचिस बेचने वाले का और अगर ऐसा है तो फिर इस से पहले माचिस बनाने वाले को पकड़ना चाहिए।जाँच पड़ताल जरुरी है क्योंकि देश में कानून का पालन सभी को करना चाहिए लेकिन जाँच सही दिशा में हो तो सही है।

वज़ीरएक्स ने तीन दिन पहले इस बारे में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि “11 जून को वज़ीरएक्स को NCB से एक ईमेल मिला जिसमें अपराधी की वज़ीरएक्स पर क्रिप्टो ट्रेड से सम्बंधित जानकारी के बारे में पूछा गया था।हमने जाँच करने पर पाया की अपराधी वज़ीरएक्स का उपभोक्ता नहीं है और हमने अधिकारियों को इस बारे में 12 जून को सूचित किया।जिसमें बताया गया कि वज़ीरएक्स अंतरास्ट्रीय स्टार कि KYC और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग के मापदंडो को पूरा करता है।हम अपने उपभोगता की KYC और पहचान को पूरी सतर्कता के साथ पूरा करते हैं।इसके साथ की बैंक की KYC को भी पूरा किया जाता है एक्सचेंज पर पैसा भेजने से पहले।हम केवल उन्हीं एकाउंट को एक्सचेंज से पैसा निकलने देते है जिन्होंने KYC के सभी पड़ावों को पूरा किया हो।

यह समस्या किसी एक एक्सचेंज की नहीं है,यह समस्या किसी भी एक्सचेंज के साथ हो सकती है और कभी भी हो सकती है क्योंकि एक्सचेंज नहीं जानती कि उनके उपभोक्ता जो पैसा क्रिप्टो लेने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं वह पैसा कहा से आया है ?एक्सचेंज एक भी पता नहीं कर सकती कि उनकी एक्सचेंज से ली गई क्रिप्टो का इस्तेमाल किस काम के लिए हो रहा है ?क्रिप्टो एक्सचेंज KYC और मनीलॉन्ड्रिंग के ऊपर नियंत्रण कर सकते हैं।भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज हमेशा से ही सरकार और कानूनों का पालन करते हुए आई हैं और आगे भी करेंगी लेकिन सरकारी विभागों को भी यह देखना होगा की जांच सही दिशा में हो और किसी के इशारे पर यह कदम न लिए जाएं।
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