29 मार्च 2022  (क्रिप्टो न्यूज़ हिंदी)

भारत सरकार इस समय पूरी शिद्द्त के साथ क्रिप्टो टैक्स लगाने में लगी हुई है। सरकार द्वारा लगाया गया क्रिप्टो कमाई पर 30% टैक्स सरकारी मंत्रियों को कम लग रहा है और यह चाहते हैं कि क्रिप्टो पर बाकि देशों की तरह और ज्यादा टैक्स लगना चाहिए। यह बातें सरकार के मंत्री सुशिल मोदी जी ने पार्लियमनेट में कहीं। उनका कहना है कि क्रिप्टो में इतनी ज्यादा कमाई है कि क्रिप्टो वालों को 30% टैक्स से कोई फर्क नहीं पड़ता। शायद मंत्री जी ने यह नहीं देखा कि जिन देशों के क्रिप्टो टैक्स की वह बात कर रहे हैं उन देशों में यह टैक्स अलग अलग स्तर पर लिया जाता है न कि फ्लैट 30%। इन देशों में सरकार क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स और क्रिप्टो निवेशकों को जो सहायता देती है वह भी शायद मंत्री जी ने नहीं देखी।

इस समय जो भी मंत्री क्रिप्टो के बारे में बात कर रहा है इनकी स्क्रिप्ट लिखने वाला एक ही व्यक्ति है और वह सही तरह से क्रिप्टो के बारे में नहीं जानता। सरकार के मंत्री अपने ही मंत्रियों या अपनी ही बातों को गलत साबित कर रहे हैं। मंत्री जी की बात मानें तो अगर यह 2012 से क्रिप्टो को देख रहे हैं और रिज़र्व बैंक के सभी गवर्नर का मानना है कि क्रिप्टो डार्क वेब पर इस्तेमाल होता है और गैरकानूनी कामों में इसका इस्तेमाल होता है तो सरकार ने अभी तक क्रिप्टो पर प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाया?

एक तरफ मंत्री कह रहे हैं कि क्रिप्टो की कोई कीमत नहीं है, यह सट्टा और लॉटरी जैसा है और एक तरफ कह रहे हैं क्रिप्टो में बहुत पैसा है लोग इस से पैसा कमा रहे हैं इस लिए इस पर और ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। अगर इसकी कोई कीमत नहीं तो पैसा कैसे बना रहे हैं ? अगर इसका कुछ इस्तेमाल ही नहीं है और इसकी कोई कीमत ही नहीं है तो इस से आतंकवाद को फंडिंग कैसे हो सकती है ? अगर क्रिप्टो की कोई कीमत ही नहीं है तो यह देश की मुद्रा के लिए खतरा कैसे हो सकता है?

मंत्री जी कहते हैं कि क्रिप्टो का कोई आधार नहीं है और इसके पीछे न तो कोई व्यक्ति है और न ही कोई कम्पनी है इसलिए इस पर विश्वास नही किया जा सकता। किंगफिशर, सहारा और नीरव मोदी की कंपनियों के पीछे तो व्यक्ति थे और उनके सरकार के मंत्रियों के साथ अच्छे संबंध भी थे, फिर उन्होंने देश के बैंक को कितना चूना लगाया यह तो सब जानते ही हैं।

सरकार का पूरा तंत्र पूरी तरह से क्रिप्टो की कमाई पर टैक्स लगाने में लगा हुआ है लेकिन पिछले कई साल से यह अभी तक क्रिप्टो को भारत में लीगल या गैरकानूनी स्टेट्स नहीं दे सके हैं। बिना किसी व्यापार पर कानून बनाए और क्रिप्टो पर अपना रुख साफ़ किए, क्रिप्टो पर बिना आधार के इतना टैक्स लगाना और इसे और बढ़ाना सरकार के काम पर प्रश्न चिन्ह लगता है ? सरकार यह सब बहुत सोच समझ कर कर रही है।  सरकार यह जानती है कि अगर क्रिप्टो को गैरकानूनी किया तो सर्वोच्च न्यायालय  में पहले भी रिज़र्व बैंक इसी मुद्दे पर हार चूका है। क्रिप्टो के इस टैक्स पर भी सर्वोच्च न्यायालय जाया जा सकता है लेकिन सरकार क्रिप्टो एक्सचेंजस पर दबाव बना रही है। पिछले दिनों क्रिप्टो एक्सचेंजस का GST मामला भी इसी से प्रेरित था। जब क्रिप्टो को आर्थिक क्षेत्र नहीं मानते तो क्रिप्टो एक्सचेंजस पर GST कैसे लगा सकते हैं ? अगर टैक्स ले रहे हैं तो क्रिप्टो क्षेत्र और क्रिप्टो एक्सचेंज को सरकार क्या सुविधा दे रही हैं ? सरकार कि कौन सी संस्था क्रिप्टो पर निगरानी रखेगी यह कौन बताएगा ?

क्रिप्टो के बारे में सरकार इस समय पूरी तरह उलझी हुई है बिना जाने समझे टैक्स लगा रही है। सरकार के अधिकारी और मंत्री क्रिप्टो के विषय में सही कानून बनाने में पूरी तरह फेल हुए हैं। टैक्स लगा कर यह जनता को गुमराह करने का काम का रहे हैं जबकि पहले इन्हे क्रिप्टो के बारे में नियम और कानून बनाने चाहिए।

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