12 मार्च 2021 शुक्रवार

क्रिप्टो बाजार में आज अगर किसी को अपना कोई क्रिप्टो प्रोजेक्ट बना है,अपना कोई टोकन ERC20 बनाना है या कोई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बनाना है तो सभी डेवेलपर्स की पहली पसंद है एथेरियम ब्लॉकचेन।एथेरियम की कोडिंग से सभी डेवेलपर्स पारिवारिक है और यह उन्हें बहुत आसान भी लगता है।आज क्रिप्टो की दुनिया के ज्यादतर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और टोकन एथेरियम ब्लॉकचेन पर ही बने हैं।एथेरियम ब्लॉकचेन की दो सबसे बड़ी समस्या है जिसके कारण आज क्रिप्टो प्रोजेक्ट बनाने वाले दूसरी ब्लॉकचेन पर जा रहे हैं,यह दो कारण हैं ,ज्यादा गैस फीस और स्केलबिल्टी की समस्या।आज एथेरियम नेटवर्क की गैस फीस इतनी ज्यादा हो गई है की इसे मास एडॉप्शन (विस्तृत रूप से सभी के इस्तेमाल योग्य) के लिए बनाना मुश्किल हो रहा है।

बाजार में बहुत सारी ब्लॉकचेन और और स्केलिंग के समाधान उपलब्ध हैं।अब यह निर्धारित करना बहुत मुश्किल हो जाता है की अपने प्रोजेक्ट के लिए किस ब्लॉकचेन का इस्तेमाल करें ?इसके साथ ही जो लोग पहले से ही अपने प्रोजेक्ट एथेरियम नेटवर्क पर चला रहे हैं वह ज्यादा गैस फीस और स्केलिंग की समस्याओं से कैसे बच सकते हैं।साथ ही अपने फण्ड और टोकन की सुरक्षा भी उनका मुख्य मुद्दा बना रहता हैं।

इन समस्याओं का आज सबसे बेहतर समाधान है नियर प्रोटोकॉल का रेनबो ब्रिज (NEAR Rainbow Bridge)। नियर प्रोटोकॉल पर डेवेलपर्स को नियर या एथेरियम में से किसी एक को चुनने का बंधन नहीं है।डेवेलपर्स एक ही समय में अपने टोकन या प्रोजेक्ट को दोनों ब्लॉकचेन पर चला सकते हैं बिना किसी समस्या के।इसके लिए नियर प्रोटोकॉल ने एक ब्रिज बनाया है जिसका नाम है “रेनबो ब्रिज”,इसके द्वारा एथेरियम और नियर ब्लॉकचेन को एक साथ जोड़ा जा सकता है।इसके साथ आप एथेरियम नेटवर्क और इसके माइनर्स द्वारा नेटवर्क को दी जाने वाले सुरक्षा के साथ साथ नियर के वैलीडेटर्स की नेटवर्क सुरक्षा पर भी विश्वास कर सकते हैं।

नियर डेवेलपर्स की टीम एथेरियम के स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और कोडिंग करने वालों को पूरी तरह से सहयोग कर रही है।डेवेलपर्स चाहें तो उनके द्वारा पहले से बनाए गए एथेरियम प्रोजेक्ट्स को भी नियर रेनबो ब्रिज द्वारा नियर नेटवर्क से जोड़ सकते हैं।डेवेलपर्स को नियर प्रोटोकॉल पर प्रोजेक्ट बनाने का एक और फायदा है जो आज तक और किसी ब्लॉकचेन पर देखने को नहीं मिला,वह है हर ट्रांजक्शन पर मिलने वाली फीस में मुनाफा।अगर कोई डेवलपर किसी प्रोजेक्ट को नियर प्रोटोकॉल पर बनता है तो भविष्य में उस प्रोजेक्ट पर होने वाली हर एक ट्रांजक्शन की फीस का 30% डेवलपर के पास जाता रहेगा और वह भी लाइफ टाइम के लिए।आमतौर पर डेवलपर्स एक बार प्रोजेक्ट बनाने के बाद अपनी फीस लेते हैं और इसके बाद अगर प्रोजेक्ट सफल होता है तो डेवेलपर्स को इसका कोई फायदा नहीं होता,लेकिन नियर प्रोटोकॉल ने डेवेलपर्स को यह बहुत बड़ी कमाई का तरीका दे दिया है।

नियर प्रोटोकॉल पर अपने प्रोजेक्ट को ले जाने का सबसे बड़ा फायदा होता है उन लोगों को जो इस प्रोजेक्ट के टोकन का इस्तेमाल कर रहे हैं।नियर ब्लॉकचेन पर ट्रांजक्शन की रफ़्तार बहुत तेज है जिस कारण से लेनदेन कुछ की सेकेंड्स में पूरा हो जाता है और इस से एथेरियम की स्केलिंग की समस्या का समाधान हो जाता है।दूसरा और सबसे बड़ा फायदा है ट्रांजक्शन फीस इस से बहुत ही कम हो जाती है लगभग नहीं के बराबर।इसका फायदा यह होगा की टोकन को ज्यादा से ज्यादा और छोटी से छोटी जरुरत के लिए भी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

विकेन्द्रीयकरण की जरुरत आज क्रिप्टो क्षेत्र की मुख्यता बन गया है। नियर प्रोटॉल इस बात को अच्छी तरह से समझता है और इसे लिए इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से विकेन्द्रीयकरित रखा गया है।अगर क्रिप्टो की दुनिया में आप काम कर रहे हैं और आपका कोई प्रोजेक्ट एथेरियम ब्लॉकचेन पर इस कारण से सही परिणाम नहीं दे रहा है की वहां फीस बहुत ज्यादा है या ट्रांजक्शन जल्द पूरी नहीं हो रही तो आपको नियर प्रोटोकॉल के बारे में विचार करना चाहिए।आप इसकी अधिक जानकारी के लिए नियर प्रोटोकॉल के टेलीग्राम ग्रुप के साथ जुड़ सकते हैं।

https://github.com/near/rainbow-bridg

https://t.me/cryptonear_IN

और क्या है आपके लिए नियर प्रोटोकॉल के पास आपके लिए और आपके प्रोजेक्ट के लिए ?यह आपको बातएंगे अगले आर्टिकल में।

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