26 जुलाई 2022 मंगलवार(क्रिप्टो न्यूज़ हिंदी)

पिछले कई वर्षो में कई सरकारें आई और कई सरकारें गयी, लेकिन स्विस बैंक में कितने भारतीयों का और कितना पैसा रखा है इस बारे में सभी सरकारें फेल रही हैं? सरकार चाहें कांग्रेस की हो या बीजेपी की, स्विस बैंक के मामले में सभी एक जैसे हैं। जब मौजूदा सरकार ने चुनाव प्रचार शुरू किया था तब स्विस बैंक में जमा पैसा भारत में लाना और सभी के नाम सार्वजनिक करना उनका मुख्य अजेंडा था। लेकिन सरकार की दूसरी पारी में भी सरकार का जवाब वही है जो पुरानी सरकारों का था।

सोमवार को सदन में वित्तीय मंत्री से स्विस बैंक में रखे भारतीयों के पैसों के बारे में जब प्रश्न किया गया, तो उनका जवाब देश की जनता और टैक्स देने वालो को शर्मिंदा करने वाला था। प्रश्न यह था कि क्या स्विस बैंक में भारतीयों की तरफ से जमा की गयी राशि में 2020 की तुलना में 2021 में वृद्धि हुई है? इसके जवाब में वित्तीय मंत्री ने कहा कि इस विषय में हमारे पास कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है कि स्विस बैंक में भारतीयों ने और भारतीय कंपनियों ने कितनी धनराशि जमा की है। वित्तीय मंत्री ने स्विस बैंक के कुछ अधिकारियों के ब्यान के आधार पर यह कहा है कि 2021 में भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा राशि में करीब 8% की गिरवाट आई है।

दैनिक जागरण 26 जुलाई 2022

वित्तीय मामलों में यह सरकार की बड़ी नाकामयाबी कही जा सकती है। वित्तीय मंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार लगातार विदेश में छुपी राशि का पता लगाने और उस पर टैक्स लगाने का प्रयास कर रही है। ऐसा लगता नहीं कि सरकार कुछ कर रही है। सरकार जनता को भटकाने के लिए कुछ न कुछ ऐसा करती है जिस से जनता का दिमाग मुख्य मुद्दों से हट जाए। सरकार और रिज़र्व बैंक का क्रिप्टो के प्रति अजेंडा भी कुछ ऐसा ही है। रिज़र्व बैंक बोल रहा है कि क्रिप्टो से देश कि मुद्रा को खतरा है इस लिए इस पर बैन लग्न चाहिए। सरकार का कहना है कि क्रिप्टो में पैसे जैसी कोई बात ही नहीं है और न इसकी कोई असल कीमत है। इसके बाद भी सरकार ने क्रिप्टो पर 1% का टीडीएस और 30% आयकर लगा दिया लेकिन क्रिप्टो पर किसी भी तरह का कोई कानून नहीं बनाया। कोई दिशा निर्देश नहीं बनाए अभी था। क्रिप्टो में काम करने वालो कों अभी भी यह समझ नहीं आ रहा है कि वह काम करें तो कैसे करें ? न सरकार ने यह साफ किया है कि, सबसे ज्यादा टैक्स लेने वाले क्रिप्टो क्षेत्र को सरकार क्या सुविधाएं देगी?

स्विस बैंक में कब से पैसा जा रहा है और यह कैसे जा रहा है, यह तो सरकार को पता ही होगा ? भारत में कैश रुपए का होना इस मुसीबत की जड़ है। यह जानते हुए भी कि रुपए से हवाला का कारोबार हो रहा है और इसी से विदेशों में धन जा रहा है, सरकार ने छोटे नोट बंद करके बड़े नोट शुरू किए ताकि हवाला और कैश पैसा छुपाने में और आसानी हो। जहां पहले 1000 के नोट को छुपाने या कहीं भेजने में ज्यादा मुश्किल होती थी, सरकार ने 2000 के नोट से वह मुश्किल आधी कर दी। कैश से कौन लेनदेन कर रहा है और किस काम के लिए लेनदेन कर रहा है, यह पता लगाना लगभग असंभव है क्योंकि इसका कोई डाटा नहीं हो सकता ? क्रिप्टो को ले कर सरकार जितनी चिंता दिखा रही है उतनी चिंता स्विस बैंक और देश में छुपा कर रखे गए रूपये के बारे में करें तो बड़ा बदलाव आ सकता है।

रिज़र्व बैंक का कहना है कि क्रिप्टो से देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा को खतरा है लेकिन असल में रुपया और बाजार में कैश का होना इससे कहीं बड़ी समस्या है। रिज़र्व बैंक के गवर्नर जितना ध्यान क्रिप्टो पर रख रहे हैं अगर इतना ही समय उन्होंने रुपए को डूबने से बचाने पर लगाया होता तो आज रुपए डॉलर के आगे घुटने नहीं टेकता। भारतीय ब्लॉकचेन क्षेत्र में आज जितने युवा काम कर रहे हैं इन सबको बेरोजगार करने के बाद सरकार के पास इन्हे देने के लिए काम है ? सरकार कभी यह नहीं मानेगी कि उनकी गलत नीतियों के कारण ही आज भारत से हर साल लाखों लोग विदेश में जा कर अपनी सेवाएं दे रहें हैं और भारतीय नागरिकता छोड़ रहें हैं। सरकार को अभी इस बात का अंदाजा ही नहीं है कि भारतीय ब्लॉकचेन और क्रिप्टो ब्रेन भारत से बहार जा रहा है और विदेशियों को फायदा दे रहा है।

सरकार के अंदर न तो कोई ऐसा मंत्री है और न ही अधिकारी जो क्रिप्टो और ब्लॉकचेन के भविष्य को समझ सके और इस बारे में सही दिशा निर्देश बना सके। एक काल्पनिक और अपने दिमाग से बनाई हुई बात कि क्रिप्टो से आतंकवाद को फंडिंग होती है, इसी को ले कर सरकार और रिज़र्व बैंक अपना क्रिप्टो अजेंडा चला रहा है। स्विस बैंक में पैसा पंहुचा कैसे, यह सरकार बता सकती है ? HSBC बैंक को भारत में काम करने की अनुमति रिज़र्व बैंक ने दी की नहीं ? आज HSBC बैंक के कारण भारत में जो मनी लॉन्ड्रिंग हुई उसके पीछे रिज़र्व बैंक की अनुमति भी है। बेहतर यह है कि क्रिप्टो से पहले सरकार और रिज़र्व बैंक अपने काम को सही करें और कैश के फ्लो को कम करे।
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