21 अप्रैल 2020 मंगलवार

आज की जिंदगी कई ऐतिहासिक पलों की गवाह बन रही है और उसमें से एक है कि कच्चा तेल जिस पर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चलती है उसकी कीमत सोमवार को जीरो से भी नीचे पंहुच गई!पूरी दुनिया में कोरोना के कारण लॉकडाउन है ,न तो जहाज चल रहे हैं और न ही यातायात के कोई और, साधन लोग घरों में बैठें है और ऐसे में तेल की मांग में भरी कमी आयी है।तेल की गिरती कीमत ने पूरी दुनिया को हिला दिया इसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ा डो जॉन्स 2.44% नीचे गिर कर 23,650.44 पर बंद हुआ तो S&P500 1.79% नीचे 2,823.16 और नैस्डेक 1.03% गिर कर 8560.73 पर बंद हुआ।

कच्चे तेल की गिरावट का सबसे ज्यादा असर अरब के देशों,अमेरिका,कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर पड़ेगा जहां तेल के सबसे ज्यादा भंडार है।भारत की बात करें तो भारत तेल की कुल खपत का 80% तेल आयात करता है और इसकी कीमत डॉलर में चुकाता है,तेल की और डॉलर की गिरती कीमत का बहुत बड़ा फायदा भारत को हो सकता है।पूरे विश्व में तेल की मांग में भरी गिरावट आई है और यही कारण है की तेल की कीमत इतनी नीचे गिर गई की तेल रखने वाला ड्रम तेल से महंगा हो गया।भारत में भी तेल के भंडार है ,रिलाइंस इंड्रस्ट्री बंगाल की खाड़ी और भी बहुत सी जगहों पर अपनी रिफाइनरी चलाती है और इस गिरावट का असर उस पर भी पड़ेगा।2018 में अमेरिका ने कच्चे तेल को बेच कर 181 बिलियन डॉलर कमाए थे लेकिन कोरोना ने अमेरिका को बहुत नुक्सान पंहुचाया है जहां उनके देश में सबसे ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित है और सबसे ज्यादा लोग वहां मर रहे है इसके साथ ही अर्थव्यवस्था को भी बहुत हानि हुई है।खरबो डॉलर की मदद भी अमेरिका को नहीं बचा पा रही है और ऐसे में तेल की कीमत में इतनी बड़ी गिरावट अमेरिका के लिए एक और दुःख की बात है।हालांकि तेल की कीमत में जल्द सुधार होगा लेकिन फिर भी इसके भविष्य में परिणाम अच्छे और बुरे दोनों होंगे ,इस से जहां कुछ देशों को बड़ा नुक्सान होगा वही भारत और ऐसे बहुत से देशों को फायदा होगा जो तेल का आयात करते हैं।तेल की गिरती कीमत यातायात के साधनों को भी सस्ता बनाएंगे और इस से महंगाई भी कुछ हद तक कम होगी।तेल की गिरती कीमत का फायदा आम लोगों को कब तक मिलेगा यह कहना मुश्किल होगा फिर भी इसका फायदा तो होगा ही।मंगल वार को भारतीय शेयर बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।