
Trump Tariffs India: 50% ड्यूटी, रूस डील पर बड़ा झटका
अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव अपने चरम पर है। Trump India Tariff के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है। यह कदम खासतौर पर भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण उठाया गया है।
हालांकि, यह सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि भू-राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा है। अब सवाल यह है कि क्या भारत पीछे हटेगा या रूस के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करेगा?
Trump India Tariff का कारण
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि भारत की रूस से तेल खरीद अमेरिका के हितों के खिलाफ है। इसके बाद उन्होंने निम्न कदम उठाए:
- मौजूदा 25% टैरिफ के अलावा 25% नया टैरिफ जोड़ा गया
- कुल टैरिफ अब 50% तक पहुंच गया
- यह ट्रंप का किसी देश पर रूस समर्थक होने के कारण पहला बड़ा “आर्थिक हमला” है

इसके अलावा, जुलाई 30 को ट्रंप ने भारत पर रूस का समर्थन करने का आरोप लगाया और 2 अगस्त को भारतीय अधिकारियों ने साफ कहा कि भारत रूसी तेल खरीदना जारी रखेगा।
US-India Trade Deal का पतन
पिछले 4 महीनों से US-India ट्रेड डील की खबरें लगातार आ रही थीं। ऐसा लग रहा था कि दोनों देश समझौते के करीब हैं। लेकिन,
- 30 जुलाई को आरोप लगने के बाद हालात बिगड़े
- 2 अगस्त को भारत का रुख साफ हुआ
- 6 अगस्त को ट्रंप ने 50% टैरिफ की घोषणा कर दी
इसलिए अब यह डील पूरी तरह से खतरे में है।
भारत के लिए आगे का रास्ता
अब भारत के सामने दो विकल्प हैं:
- रूस से दूरी बनाए और अमेरिका को प्राथमिकता दे
- रूस के साथ साझेदारी मजबूत करे और अमेरिकी टैरिफ झेले
हालांकि, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सस्ते तेल पर निर्भरता देखते हुए, विश्लेषक मानते हैं कि भारत तुरंत रूस से दूरी नहीं बनाएगा।