अमेरिका बना रहा Bitcoin Reserve, बाजार में हलचल तेज
Sumit Gupta US Strategic Bitcoin Reserve से उत्साहित
28 अप्रैल 2026 को क्रिप्टो दुनिया में एक ऐसा अपडेट सामने आया है, जिसने वैश्विक वित्तीय व्यवस्था की दिशा बदलने के संकेत दे दिए हैं। White House के डिजिटल एसेट्स सलाहकार परिषद के कार्यकारी निदेशक Patrick Witt ने लास वेगास में आयोजित Bitcoin 2026 Conference में पुष्टि की कि अमेरिका का ‘Strategic Bitcoin Reserve’ अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक ऐसा कदम माना जा रहा है जो बिटकॉइन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दे सकता है। इस घटनाक्रम की ओर Sumit Gupta ने भी ध्यान दिलाया है और इसे आने वाले समय का बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया है।

Source – Sumit Gupta X Post
स्ट्रेटेजिक बिटकॉइन रिजर्व, योजना से क्रियान्वयन तक
अमेरिका लंबे समय से डिजिटल एसेट्स को लेकर अपनी रणनीति पर काम कर रहा था, लेकिन अब यह योजना जमीन पर उतरती दिख रही है। ‘Strategic Bitcoin Reserve’ का उद्देश्य सरकार के पास मौजूद डिजिटल एसेट्स को एक व्यवस्थित और सुरक्षित ढांचे में लाना है।
इस योजना की नींव उस कार्यकारी आदेश से जुड़ी है, जिस पर पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद से प्रशासन लगातार कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर काम कर रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि इस रिजर्व के लिए नए टैक्स का सहारा नहीं लिया जा रहा। इसके बजाय, यह फंड मुख्य रूप से उन बिटकॉइन से बनाया जाएगा जिन्हें अमेरिकी एजेंसियों ने विभिन्न मामलों में जब्त किया है।
पैट्रिक विट के अनुसार, आने वाले कुछ हफ्तों में इस योजना के अगले चरण को लेकर बड़ा एलान किया जा सकता है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि अमेरिका इस रिजर्व को किस स्तर तक ले जाना चाहता है।
ARMA कानून और बिटकॉइन को ‘डिजिटल गोल्ड’ बनाने की कोशिश
इस पूरी पहल को अब विधायी समर्थन भी मिलने लगा है। Cynthia Lummis और Nick Begich द्वारा पेश किया गया U.S. Reserve Modernization Act (ARMA) इस दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस कानून का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 10 लाख बिटकॉइन जमा करना है। खास बात यह है कि इस योजना को ‘बजट-न्यूट्रल’ रखा गया है, यानी इसके लिए नए कर्ज या टैक्स का बोझ नहीं बढ़ाया जाएगा।
योजना के अनुसार, सरकार अपने मौजूदा संसाधनों जैसे कुछ गोल्ड रिजर्व का उपयोग करके फंड जुटा सकती है। इसके अलावा, खरीदे गए बिटकॉइन को कम से कम 20 वर्षों तक होल्ड करने का प्रस्ताव है, जिससे इसे एक स्थायी ‘स्टोर ऑफ वैल्यू’ बनाया जा सके।
यह पहल इस बात का संकेत है कि अमेरिका बिटकॉइन को केवल एक निवेश साधन नहीं, बल्कि भविष्य के वित्तीय ढांचे का हिस्सा मान रहा है।
वैश्विक असर और बाजार की प्रतिक्रिया
इस खबर का असर तुरंत क्रिप्टो बाजार में देखने को मिला है। बिटकॉइन की कीमतों में मजबूती आई और यह $80,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस कदम से वैश्विक स्तर पर एक नई होड़ शुरू हो सकती है। रूस, चीन और जापान जैसे देश भी अब अपने रिजर्व में बिटकॉइन शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।
Sumit Gupta के अनुसार, यह कदम दिखाता है कि अमेरिका ब्लॉकचेन और क्रिप्टो को केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक वित्तीय हथियार के रूप में देख रहा है। उनका मानना है कि भारत को भी इस दिशा में तेजी से कदम उठाने होंगे, ताकि वह इस वैश्विक बदलाव में पीछे न रह जाए।
कन्क्लूजन
28 अप्रैल 2026 का यह अपडेट केवल एक नीति बदलाव नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय सोच में बदलाव का संकेत है। White House का यह कदम Bitcoin को एक नई वैधता और स्थिरता दे सकता है। अगर यह योजना सफल होती है, तो बिटकॉइन ‘डिजिटल गोल्ड’ के रूप में स्थापित हो सकता है और पारंपरिक वित्तीय सिस्टम को चुनौती दे सकता है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य देश इस कदम का कैसे जवाब देते हैं। फिलहाल इतना तय है कि क्रिप्टो अब केवल एक निवेश विकल्प नहीं रहा यह वैश्विक आर्थिक रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है।




